भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया है। केंद्रीय बैंक का यह फैसला महंगाई को नियंत्रण में रखते हुए आर्थिक गतिविधियों को संतुलन में रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
RBI के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं और घरेलू मांग को देखते हुए फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखना जरूरी है। इस फैसले से उद्योग जगत और छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि इससे कर्ज की लागत में तत्काल बढ़ोतरी नहीं होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरें स्थिर रहने से मैन्युफैक्चरिंग, रियल एस्टेट और MSME सेक्टर को सहारा मिल सकता है। वहीं, बैंकिंग सेक्टर पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।
हालांकि, RBI ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में महंगाई और वैश्विक आर्थिक हालात के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे। बाजार की नजर अब अगली मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी हुई है।
RBI ने मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों को स्थिर रखा है। इस फैसले से उद्योग और कारोबार जगत को राहत की उम्मीद है, हालांकि आगे के फैसले महंगाई पर निर्भर करेंगे।

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